NRK…. हमारे प्रेरणा स्त्रोंत

राजस्थान में जब भी कैंसर उपचार का जिक्र होता है, जयपुर के जेएलएन मार्ग पर स्थित भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर का नाम अग्रणी संस्थानों में शामिल होता है। इस अस्पताल की प्रेरणा और मानवीय सेवा की पहल को मुकाम देने में अग्रिम पंक्ति में है श्री नवरतन कोठारी।

रंगीन रत्नों के कारोबार में राजस्थान की माटी का देश-दुनिया में नाम करने वाले जमीन से जुड़े विराट व्यक्तित्व के धनी श्री नवरतन कोठारी का मानवीय कौशल इस अस्पताल की नींव में रचा बसा है।

व्यवसाय के साथ शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक-धार्मिक और परोपकारी सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों में इनकी भागीदारी किसी से छिपी हुई नहीं है। लाइमलाइट से दूर रहकर मानवता और सेवाभाव इनके मानवीय गुणों का एक उदाहरण है। यहीं वजह है कि कैंसर अस्पताल में इनकी नजर में प्रत्येक कर्मचारी इनके परिवार का सदस्य है।

20 वर्षों से भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर के जरिए अनवरत सेवा भाव लाखों कैंसर रोगियों के चेहरे पर मुस्कान लाने में सफल रहा हैं। वहीं कर्मचारियों के लिए पितातुल्य भाव अस्पताल परिवार को लगातार मानवसेवा के लिए प्रेरित करता है।

राजस्थान में कैंसर के खात्मे के लिए नवीन तकनीकों को अस्पताल परिसर में स्थापित करने के प्रयास भी इनके मार्गदर्शन में पूरे हुए।

केजी कोठारी मैमोरियल ट्रस्ट के जरिए जनसेवा का भाव इनके हद्य पटल की निर्मलता दर्शाता है।

27 जून, 2017 का दिन हमारे लिए खास है, इस दिन की खासियत यह है कि हमारे प्रेरणा स्त्रोंत श्री नवरतन कोठारी का 75वां जन्मदिवस है।  इनके बारे में लिखने का अक्सर मन करता है क्योंकि इनकी अच्छाईयां हमेशा प्रेरित करती है बेहतर इंसान बनने के लिए। आज जब 75 बसंत अपने जीवनकाल के श्री कोठारी ने पूरे किए है तो कुछ शब्द स्वतः प्रवाहित हो रहे है, इनकी स्वस्थ जीवन और दीर्द्यायु की कामना के साथ।

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