BMCHRC Social Initiatives Campaign

BMCHRC organized early detection & awareness camp in collaboration with Airforce at Airforce station, near Jalmahel, Jaipur, Rajasthan. Our aim to organize these camps is for early diagnosis of cancer & to spread awareness among masses.

Considering these bare facts this department has successfully made appreciable attempts through its mobile unit camps in the field of cancer awareness and early detection in the distant remote and slum areas not only of Rajasthan state but in neighboring states including Madhya Pradesh & Haryana.

Since 1999 till date hospital has organized around 1,000 camps screening about 1,60,000 patients. In the larger interest of the community, camp team comprising of General Physician, Oncologist, Gynecologist, ENT Specialist, Radiographer, Paramedical & Nursing Staff disseminate their services at the door steps of needy and deserving patients.

Cancer Patients Meeting Tiger Shroff

भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटलमें कैंसर का इलाज ले रहे बाल रोगियों की अभिनेता टाइगर श्रॉफ से मिलने की मनोइच्छा आज पूरी हुई।हर दिन एक नई चुनौती का सामना कर रहे इन बच्चो की जब मनचाही इच्छा पूरी होती है तो इनके चेहरे पे जो ख़ुशी छलकती है वह बहुत अद्भुत होती हैसाथ ही इन छोटे प्रयासों से उनके स्वास्थ्य पे भी सकारात्मत प्रभाव पड़ता, अस्पताल के साथ अपनापन बना रहता है व् अस्पताल में इलाज हेतू आने का डर भी खत्म हो जाता है।

किसी ने माँगा ऑटोग्राफ तो किसी ने की डान्स दिखाने कि फरमाइश

मास्टर राजेश व् अंजलि ने माँगा ऑटोग्राफ तो बेबी मनीषा ने की डान्स दिखाने की फरमाइश। टाइगर श्रॉफ के हाथों बच्चों को मनचाहे उपहार भी दिए।

ड्रीम्ज़ फाउंडेशन (केजीके इनिशिएटिव) की पहल

ड्रीम्ज़ फाउंडेशन का उद्देश्य कैंसर जैसी भयावह बीमारी से पीड़ित बालरोगियों को मनचाहे उपहार देकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाना है इसके तहत अस्पताल में भर्ती 1 से 18 साल की आयु के बच्चों की कोई भी एक विश पूरी करने की पहल की जाती है।

ड्रीम्ज फाउंडेशन के की अध्यक्षा श्रीमती अनिल कोठरी जी के नेतृत्व मेंअब तक 3000 से अधिक बच्चों की विश पूरी की जा चुकी है।

World Wish Day Celebration

वर्ल्ड विश डे के उपलक्ष पर भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय में ईलाज ले रहे कैंसर पीड़ित बच्चों को मनचाहे उपहार देकर इच्छापुर्ति की गई। उपहार पाने की इच्छा हर किसी की होती है, मगर जब यह ख्वाहिशें उनकी पूरी होती है जो हर दिन एक जंग की तरह अपनी बीमारी से लड़ रहे है, तो यह सबसे बडी उपलब्धि है।

बच्चों की विश हुई पूरी

बच्चों की विश भी अनूठी होती है कोई कहता है की मुझे पुलिस बनना है, किसी कलाकार से मिलना है, किसी को कम्प्युटर चाहिए, किसी को मोबाईल, तो किसी को डाॅल चाहिए। अस्पताल में भर्ती 3 बच्चों को मोबाईल फोन एक को रिमोट कार एवं एक को साइकिल प्रदान की गई। उपहार मिलने की ख़ुशी बच्चों के चेहरे पर साफ झलक रही थी। इनमें से 16 वर्षीय किशोर को मोबाईल मिलने पर उसका कहना था कि आज से वह खेलने न जाने के दुख को कभी महसुस नही करेगा।

बच्चों मे बढ़ता है आत्मविश्वास

बच्चों को अस्पताल आना बिलकुल पसन्द नही होता। डाॅक्टर एवं इंजक्शन के ड़र से बच्चे रोने लगते है तभी यह छोटे-छोटे उपहार उनके चेहरों पर मुस्कान ले आते है एवं उन्हे अपनी बीमारी से लड़ने का आत्मबल देते है। बच्चों के ईलाज पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

के.जी.के ड्रीम्ज फाउंडेशन द्वारा कैंसर पीड़ित बच्चों की ख्वाहिशों को मिलती है उड़ान

के.जी.के ड्रीम्ज फाउंडेशन का उद्देश्य कैंसर जैसी भयावह बीमारी से पीड़ित बालरोगियों को उनके मनचाहे उपहार देकर चेहरों पर मुस्कान लाना है। भगवान महावीर कैंसर अस्पताल की वरिष्ठ उपाध्यक्षा अनिला कोठारी ने बताया कि कैंसर बालरोगियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और हैप्पी इंडेक्स में इजाफे की पहल के.जी.के ग्रुप के ड्रीम्ज फाउंडेशन की है। इसके तह्त अस्पताल में भर्ती 1 से 18 साल की आयु के बच्चों की कोई भी एक विश पूरी करने की पहल की जाती है।

अब तक हजारों बच्चों की इच्छापुर्ति की गई

के.जी.के ड्रीम्ज फाउंडेशन के द्वारा अब तक 3000 से अधिक बालरोगियों की विश पुरी की जा चुकी है। हाल ही में कुछ बच्चों की ख्वाहिश थी अभिषेक बच्चन एवं उनकी कबड्डी टीम पिंक पेन्थर से मिलने की, बच्चों को अभिषेक बच्चन से मिलवाकर उनकी इच्छा पुरी की गई जिससे बच्चे खुश एवं उत्साहित हुए। इन बच्चों के लिए समय समय पर सिनेमा हाॅल में मुवी दिखाना, जयपुर भ्रमण, स्टोरी टेलिंग, बाल कैंसर रोगियों का जन्मोत्सव जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

Brave Heart: Late Shri Vidhya Vinod Kala

“When Late Shri V.V Kala was detected with cancer in 1991, there wasn’t any reliable cancer treatment in Jaipur. He was operated by Dr. P.B. Desai in Bombay Hospital. He had to travel to Delhi every week to get his chemotherapies and other tests done. He couldn’t forget the pain he had to undergo and stress in Mumbai & Delhi as cancer patient. That’s why he thought of bringing-up a cancer hospital in Jaipur.

Bhagwan Mahaveer Cancer Hospital and Research Centre named by him was solely Kala’s brainchild. He was determined that in future no cancer patient would undergo such a trauma and pain.

On Mahaveer Jayanti in 1991 at Ramlila Ground, he publicly appealed to the Gov of Rajasthan for establishing a cancer hospital in Jaipur. The then Chief Minister Late Shri Bhairon Singh Shekhawat took it as a commitment. He willingly & gracefully accepted Mr. Kala’s appeal and assured immediate support to construct the hospital.

Shri Kala spent his final seven years nurturing his dream to make hospital a reality which has now turned into a huge centre under the Chairmanship of Shri Navrattan Kothari. The Hospital has completed its 19 years, all Cancer treatment facilities are under one roof and all the patients need not to go out of Jaipur for any treatment for cancer. Late Shri Bhairon Singh Shekhawat used to consider this hospital as his favorite place and celebrated his birthday every year.

To remember his contribution to the hospital, We at BMCHRC every year remember him on his death anniversary which is on 21st July. On this occasion the trustees and their families and members of the hospital pays floral tribute to the divine soul of Shri Kala and remember him for putting up this excellent institute for the people who are benefitted. Also on this day Kala family distributed gifts to cancer patients.

The Gift & Responsibility Given by Shri V. V. Kala is greatly taken care by Shri Navrattan Kothari & His Wife Smt. Anila Kothari.

International Yoga Day Celebration

भगवान महावीर कैंसर चिकित्सालय एवं नेटको के तत्वाधान में तीसरे अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह के उपलक्ष्य में रोगियो एवं कर्मचारियो हेतु योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जीवन को योग द्वारा कैसे स्वस्थ बनाये रखे इसके बारे में समझाया गया।

संस्थान की वरिष्ठ उपाध्यक्षा श्रीमती अनिला कोठारने बताया कि योग शब्द के दो अर्थ है और दोनो ही महत्त्वपूर्ण है। पहला है – जोड और दूसरा है समाधि। जब तक हम स्वयं से नही जुडते, समाधि तक पहुँचना कठिन होगा अर्थात् जीवन में सफलता की समाधि पर परचम लहराने के लिये तन, मन और आत्मा का स्वस्थ होना अति आवश्यक है और ये मार्ग और भी सुगम हो सकता है, यदि हम अपने योग को जीवन का हिस्सा बना ले। सकारात्मक ऊर्जा के लिये योग का विशेष स्थान है।

योग कार्यक्रम में संस्था के चिकित्सा निदेशक डॉ (मे. ज.) एस सी पारीक ने बताया कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अनेक ऐसे पल है जो हमारी स्पीड पर ब्रेक लगा देते है। हमारे आस-पास ऐसे अनेक कारण विद्यमान है जो तनाव, थकान और चिडचिडाहट को जन्म देते है, जिससे हमारी जिंदगी अस्त-व्यस्त हो जाती है। ऐसे में जिंदगी को स्वस्थ तथा ऊर्जावान बनाये रखने के लिए योग एक ऐसी रामबाण दवा है जो दिमाग को ठण्डा तथा शरीर को फिट रखता है। जीवन जीने की एक कला है योग।

कार्यक्रम में योगा विशेषज्ञ श्रीमती नमिता चौहान द्वारा स्तन कैंसर रोगी, सरवाईवर्स एवं स्टॉफ को विशेष योगा सीखाया गया तथा 100 से अधिक लोगो ने योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया एवं अपनी दिनचर्या को योग से शुरू करने की शपथ दिलाई।

Young entrepreneurs

भगवान महावीर कैंसर अस्पताल में भर्ती बच्चों की युवा उद्यमियों ने पूरी की

जयपुर भ्रमण पर आई यंग फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन, दिल्ली की युवा उद्यमियों ने कैंसर पीड़ित बच्चों से मुलाकात कर उनकी विश को पूरा किया। भगवान महावीर कैंसर अस्पताल में भर्ती बच्चों की इच्छा पूरी करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  मिराकी किचन में आयोजित कार्यक्रम में पांच कैंसर पीड़ित बच्चों की विश पूरी की गई।

ड्रीम्स  फाउंडेशन की है पहल

भगवान महावीर कैंसर अस्पताल की वरिष्ठ उपाध्यक्षा अनिला कोठारने बताया कि मरीज बच्चों में आत्मविश्वास बढाने और हैप्पी इंडेक्स में इजाफे की पहल केजीके ग्रुप के ड्रीम्स फाउंडेशन की है। इसके तहत अस्पताल में भर्ती 1 से 16 साल की आयुवर्ग के बच्चों की कोई भी एक विश पूरी करने की पहल की जाती है। इसी दिशा में यंग फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन की युवा उद्यमियों के द्वारा बच्चों की इच्छा के अनुसार उपहार दिए गए।

5 बच्चों की विश हुई पूरी

बच्चों की विश भी अनूठी रही। इनमें से 3 बच्चों को मोबाइल फोन, एक को रिमोट कार एवं एक को रिमोट से संचालित मोटर साइकिल प्रदान की गई। उपहार मिलने की खुशी बच्चों के चेहरे पर साफ झलक रही थी। लाभांवित बच्चों में जयपुर से मनीषा, सिमरन और राहुल सैनी रहे। नागौर से पंकज गौड़ और हरियाणा की मनीषा की विश पूरी की गई।

डेलीगेशन में यह थे शामिल 

जयपुर भ्रमण पर आई वाई फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन मेंबर्स में चेयरपर्सन आंचल सेठी, अताशी सिंघानिया, मंदिरा लांबा, एकता गुप्ता, अनुजा गुप्ता, कनिका आहूजा, कविता ढींगरा, रिद्विमा खन्ना, रसिका कजारिया, गीतिका मेहरोत्रा और डॉ नूपूर जैन शामिल रही।

ड्रीम्स फाउंडेशन के बारे में

भगवान महावीर कैंसर अस्पताल में भर्ती कैंसर मरीज बच्चों की एक विशेष मांग पूरी करने के सामाजिक उदृदेश्य के साथ केजीके ड्रीम्स फाउंडेशन की ओर से 2010 में पहल की गई। अब तक सैंकड़ों बच्चों की विश इसके जरिए पूरी की जा चुकी है। इसमें 1 से 16 साल के बचचों की कोई भी एक विश पूरी की जाती है। 

Mr. Navrattan Kothari – Our Inspiration

राजस्थान में जब भी कैंसर उपचार का जिक्र होता है, जयपुर के जेएलएन मार्ग पर स्थित भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर का नाम अग्रणी संस्थानों में शामिल होता है। इस अस्पताल की प्रेरणा और मानवीय सेवा की पहल को मुकाम देने में अग्रिम पंक्ति में है श्री नवरतन कोठारी। रंगीन रत्नों के कारोबार में राजस्थान की माटी का देश-दुनिया में नाम करने वाले जमीन से जुड़े विराट व्यक्तित्व के धनी श्री नवरतन कोठारी का मानवीय कौशल इस अस्पताल की नींव में रचा बसा है। व्यवसाय के साथ शिक्षा, चिकित्सा, सामाजिक-धार्मिक और परोपकारी सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों में इनकी भागीदारी किसी से छिपी हुई नहीं है। लाइमलाइट से दूर रहकर मानवता और सेवाभाव इनके मानवीय गुणों का एक उदाहरण है। यहीं वजह है कि कैंसर अस्पताल में इनकी नजर में प्रत्येक कर्मचारी इनके परिवार का सदस्य है। 20 वर्षों से भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर के जरिए अनवरत सेवा भाव लाखों कैंसर रोगियों के चेहरे पर मुस्कान लाने में सफल रहा हैं। वहीं कर्मचारियों के लिए पितातुल्य भाव अस्पताल परिवार को लगातार मानवसेवा के लिए प्रेरित करता है। राजस्थान में कैंसर के खात्मे के लिए नवीन तकनीकों को अस्पताल परिसर में स्थापित करने के प्रयास भी इनके मार्गदर्शन में पूरे हुए। केजी कोठारी मैमोरियल ट्रस्ट के जरिए जनसेवा का भाव इनके हद्य पटल की निर्मलता दर्शाता है। 27 जून, 2017 का दिन हमारे लिए खास है, इस दिन की खासियत यह है कि हमारे प्रेरणा स्त्रोंत श्री नवरतन कोठारी का 75वां जन्मदिवस है।  इनके बारे में लिखने का अक्सर मन करता है क्योंकि इनकी अच्छाईयां हमेशा प्रेरित करती है बेहतर इंसान बनने के लिए। आज जब 75 बसंत अपने जीवनकाल के श्री कोठारी ने पूरे किए है तो कुछ शब्द स्वतः प्रवाहित हो रहे है, इनकी स्वस्थ जीवन और दीर्द्यायु की कामना के साथ।

Dreamz Foundation

भगवान महावीर कैंसर अस्पताल में उपचार करवा रहे कैंसर पीड़ित बच्चों की इच्छा पूरी करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कैंसर का उपचार करवा रहे 25 बच्चों को मनचाहे उपचार प्रदान किए गए।

ड्रीम्ज़ फाउंडेशन की है पहल 

ड्रीम्ज़  फाउंडेशन अध्यक्षा अनिला कोठारी ने बताया कि कैंसर पीड़ित बच्चों में आत्मविश्वास बढाने और हैप्पीनेस इंडेक्स में इजाफे की पहल केजीके ग्रुप के ड्रीम्ज़ फाउंडेशन की है। इसके तहत अस्पताल में भर्ती 1 से 16 साल की आयुवर्ग के बच्चों की कोई भी एक विश पूरी करने की पहल की जाती है। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए आगरा निवासी विभु बिनारा ने बच्चों की विश पूरी की।

जन्मदिन पर दिए उपहार

बच्चों की विश भी अनूठी रही। इनमें से लैपटॉप, टेबलेट, क्रिकेट सैट, ट्राई साइकिल, वॉटर फिल्टर, मोबाइल, वीडियो गेम प्रदान किए गए। उपहार मिलने की खुशी बच्चों के चेहरे पर साफ झलक रही थी। आगरा निवासी विभु बिनारा ने अपना जन्मदिन कैंसर पीड़ित बच्चों के साथ मनाने और उनके दर्द को मनचाहे उपहार के जरिए खुशी में बदलने की पहल की।

ड्रीम्स फाउंडेशन के बारे में 

भगवान महावीर कैंसर अस्पताल में भर्ती कैंसर मरीज बच्चों की एक विशेष मांग पूरी करने के सामाजिक उदृदेश्य के साथ केजीके ड्रीम्स  फाउंडेशन की ओर से 2010 में पहल की गई। अब तक सैंकड़ों बच्चों की विश इसके जरिए पूरी की जा चुकी है। इसमें 1 से 16 साल के बच्चों की कोई भी एक विश पूरी की जाती है।

Timely Breast Cancer Treatment Improves Survival

भीलवाड़ा : कैंसर के लक्षण पहचानते हुए उससे बचाव के लिए जागरूकता उत्पन्न करना जरूरी है। जल्द अवस्था में पता लगने पर कैंसर के ठीक होने की संभावना अधिक होती है।

शनिवार को भीलवाड़ा कैंसर केयर फाउंडेशन एवं भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के सयुंक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यशाला में वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ ललित मोहन शर्मा ने यह बात कही। इन्होने कहा की महिलाओं में स्तन एवं बच्चेदानी के  कैंसर का खतरा सर्वाधिक होता है। 

मैमोग्राफी नामक  विशेष प्रकार की एक्स-रे मशीन द्वारा सूक्ष्मतम गाँठ का पता लगाया जा सकता है। चिकित्सा निदेशक डॉ पारीक ने बताया की जागरूकता से ही कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। इसी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए भगवान महावीर कैंसर  हॉस्पिटल द्वारा जल्दी पहचान आपकी सुरक्षा स्तन एवं गर्भशय कैंसर का समयोचित निदान कार्यक्रम चलाया जाता है। कैंसर केयर की अध्यक्षा अनिला कोठारी ने बताया की कार्यक्रम के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु  की  महिलाओ हेतु महीने के आखरी शनिवार को 2 से 4 बजे तक मैमोग्राफी एवं पेपस्मीर की जांचे निशुल्क उपलब्ध कराइ जाती है । अगस्त 2014 से चलाई जा रही इस मुहिम में अब तक 400 से ज्यादा महिला ने लाभ उठाया है।

भीलवाड़ा में आयोजित इस कार्यशाला में नगर विकास न्यास अध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल , भाजपा जिलाध्यक्ष दामोदर अग्रवाल , पी.एम.बेसवाल, एस.पी.नाथानी, डॉ. नरेश पोरवाल, डॉ. आर.एस.सोमानी  भी मौजूद रहे । 

इस कार्यशाला में 100 से ज्यादा महिलाओ ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।

World Tobacco Day

विश्व तम्बाकू निषेध दिवसके अवसर पर भगवान महावीर कैंसर अस्पताल में चल रही 10 दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला के अन्तिम दिन समाज को तम्बाकू मुक्त रहने का संदेश देते हुये मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया। चिकित्सालय के नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थी एवं चिकित्सालय कर्मचारियों द्वारा इस मानव श्रृंखला को बनाया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री माननीय राजेन्द्र सिंह जी राठौड़ रहे। कार्यक्रम में श्री नवरतन जी कोठारी अध्यक्ष, श्रीमती अनिला कोठारी वरिष्ठ उपाध्यक्षा, श्री विमलचन्द सुराणा प्रबन्धन्यासी, डॉ. प्रेम सिंह लोढा अधिशाषी निदेशक, डॉ. (मेजर जनरल) एस सी पारीक चिकित्सा निदेशक, कैंसर सरवाइवर्स, दस दिवसीय तंबाकू मुक्ति अभियान में भागीदारी दर्शाने वाले जयपुरवासियों सहित नर्सिग कॉलेज के छात्र, चिकित्सालय के समस्त कर्मचारी, कैंसर केयर मेम्बर्स एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

तम्बाकू मुक्ति पहल का समर्थन

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री माननीय राठौड़ साहब ने चिकित्सालय द्वारा तम्बाकू मुक्ति के लिए आयोजित किए गए दस दिवसीय अभियान की सराहना की। इन्होंने तंबाकू मुक्ति के लिए संचालित हस्ताक्षर अभियान पर अपना संदेश अंकित किया। साथ ही बनाई गई मानव श्रृंखला में अपनी भागीदारी की। इन्होंने अस्पताल की कैंसर केयर यूनिट के सामाजिक कार्यो को भी जमकर सराहा।

कार्यक्रम में चित्राकल प्रतियोगिता में बनाई गई पेंटिंग्स की प्रदर्शनी की गई 

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर पेन्टिग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।  भगवान महावीर कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर एवं कैंसर केयर (महिला प्रकोष्ठ) की ओर से विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत कलानेरी आर्ट गैलरी एवं एकेडमी ऑफ फाईन आर्ट के सहयोग से पेन्टिग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मकसद लोगों में तंबाकू से होने वाले स्वास्थ्य पर नुकसान के प्रति जागरूकता और तंबाकू से दूरी बनाने के लिए प्रेरित करना है।

रंगो में वह जादू है जो रंगने वाले, भिगने वाले और देखने वाले तीनों के दिलो को छू लेता है।

25 कलाकारों ने छलकाये अपने हूनर

कलानेरी आर्ट गैलरी एवं एकेडमी ऑफ फाईन आर्ट के 25 कलाकारों ने तम्बाकू निषेध के प्रोत्साहन का संदेश देती हुई विभिन्न तरह की पेन्टिग बनाई।

विजेताओं को किया पुरस्कृत

मुख्यअतिथि ने कार्यक्रम श्रृंखला के तहत आयोजित की गई पेन्टिग प्रतियोगिता में बनाई गई पेन्टिग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बेहतर पेन्टिग बनाने वाले प्रथम विजेता वृंदा हल्दिया द्रितीय विजेता राम कुमार एवं तृतीया विजेता के. के. कुंद्रा को पुरस्कृत भी किया गया। साथ ही २० फ़ीट लम्बी स्ट्रीट आर्ट पे पेंटिंग बनाने वाले उमाकांत, वृंदा, रमेश एवं मुकेश को भी पुरस्कृत किया।

आन्दोलन के सजग प्रहरियों का सम्मान

चिकित्सालय में उपचार प्राप्त कर कैंसर पर विजय प्राप्त करने वाले सरवाइवर्स भी इस समारोह का हिस्सा बने। पंचायतीराज मंत्री राजेंद्र राठौड ने समाज में तम्बाकू मुक्ति हेतु जागरूकता अभियान का अभिन्न हिस्सा बन चुके इन कैंसर विजेताओं का सम्मान किया। यह कैंसर विजेता जीवनपर्यन्त अपने आस-पास के लोगों को तम्बाकू से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे। मुहिम में शामिल सरवाइवर्स अब तक कई लोगो को तम्बाकू से मुक्त करवा चुके है।

विशेष कैम्पों का आयोजन 

कार्यक्रम श्रृंखला के तहत विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कैम्पों का आयोजन किया गया। इसका मकसद तंबाकू खाने वाले व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर कैंसर संभावना का पता लगाना है, ताकि समय पर उपचार प्रारंभ कर रोग को खत्म किया जा सकें। अस्पताल प्रबंधन की ओर से लगाए जाने वाले कैम्प प्रमुखता से मॉल्स, कॉपोरेट संस्थान, मीडिया संस्थान, औद्योगिक क्षेत्रों, सरकारी संस्थानों में आयोजित किए गए। साथ ही इन सभी सहयोगी संस्थानों को इस मुहीम में सहयोग बदल सम्मानित भी किया गया।